💔 Betrayal Shayari in Hindi 💔
सबसे गहरा ज़ख्म वही देता है,
जिस पर सबसे ज़्यादा भरोसा किया हो।
यहाँ आपको वही Betrayal Shayari मिलेगी
जो टूटे भरोसे और धोखे के दर्द को बयां करती है।
जिस पर सबसे ज़्यादा भरोसा किया हो।
यहाँ आपको वही Betrayal Shayari मिलेगी
जो टूटे भरोसे और धोखे के दर्द को बयां करती है।
Trust Betrayal Shayari in Hindi
भरोसा जब टूटता है,
तो आवाज़ नहीं करता,
बस इंसान बदल जाता है।
तो आवाज़ नहीं करता,
बस इंसान बदल जाता है।
हमने दिल खोलकर भरोसा किया,
और बदले में धोखा मिला।
और बदले में धोखा मिला।
जिस पर सबसे ज़्यादा यकीन था,
उसी ने सबसे गहरा ज़ख्म दिया।
उसी ने सबसे गहरा ज़ख्म दिया।
भरोसा एक कागज़ की तरह होता है,
एक बार फट जाए तो जुड़ता नहीं।
एक बार फट जाए तो जुड़ता नहीं।
हमने अपनी खामोशी से ही समझा दिया,
कि भरोसा अब बाकी नहीं रहा।
कि भरोसा अब बाकी नहीं रहा।
भरोसे का कत्ल वही करते हैं,
जो सबसे करीब होते हैं।
जो सबसे करीब होते हैं।
Dhoka Shayari in Hindi
धोखा मिलना तक़दीर हो सकती है,
मगर उस पर भरोसा करना हमारी गलती थी।
मगर उस पर भरोसा करना हमारी गलती थी।
हमने सच्चे दिल से चाहा,
और सामने वाले ने खेल समझा।
और सामने वाले ने खेल समझा।
धोखा देने वालों की एक पहचान होती है,
वो हर बात में सफाई देते हैं।
वो हर बात में सफाई देते हैं।
जिसे अपना समझा था,
उसी ने सबसे पहले छोड़ दिया।
उसी ने सबसे पहले छोड़ दिया।
धोखे के बाद भी,
हमने बददुआ नहीं दी,
बस खुद से दूर हो गए।
हमने बददुआ नहीं दी,
बस खुद से दूर हो गए।
कुछ लोग रिश्ते निभाते नहीं,
बस इस्तेमाल करना जानते हैं।
बस इस्तेमाल करना जानते हैं।
Emotional Betrayal Shayari
धोखा सिर्फ दिल नहीं तोड़ता,
भरोसे की जड़ें भी हिला देता है।
भरोसे की जड़ें भी हिला देता है।
हम मुस्कुराते रहे,
ताकि किसी को हमारी टूटन न दिखे।
ताकि किसी को हमारी टूटन न दिखे।
अब हर किसी पर यकीन नहीं होता,
क्योंकि एक बार बहुत बुरा अनुभव हो चुका है।
क्योंकि एक बार बहुत बुरा अनुभव हो चुका है।
धोखा खाने के बाद,
इंसान सबसे पहले खुद से सवाल करता है।
इंसान सबसे पहले खुद से सवाल करता है।
कुछ जख्म वक्त के साथ भर जाते हैं,
मगर भरोसे वाला ज़ख्म नहीं।
मगर भरोसे वाला ज़ख्म नहीं।
अब रिश्तों से ज्यादा,
खामोशी पर भरोसा है।
खामोशी पर भरोसा है।
Two Line Betrayal Shayari
जिसे अपना समझा था,
वही सबसे बड़ा धोखेबाज़ निकला।
वही सबसे बड़ा धोखेबाज़ निकला।
भरोसा किया था दिल से,
इसलिए टूटे भी पूरी तरह।
इसलिए टूटे भी पूरी तरह।
धोखा वही दे सकता है,
जिसे करीब आने दिया हो।
जिसे करीब आने दिया हो।
अब यकीन शब्द से डर लगता है,
क्योंकि मतलब बदल गया है।
क्योंकि मतलब बदल गया है।
हमने छोड़ना सीख लिया है,
धोखा खाने के बाद।
धोखा खाने के बाद।
कुछ रिश्ते सबक बनकर रह जाते हैं।