मैंने दरिया से सीखी है मैंने दरिया से सीखी है पानी की पर्दादारी, ऊपर-ऊपर हँसते रहना गहराई में रो लेना। ❤️ Like (0) 🔗 Share 📋 Copy Related Shayari आसरा इक उम्मीद का रेत भरी है आँखों में आग मोहब्बत की कोई रेत की प्यास बुझाओ